स्वर्गीय संतोष डांग की पहल पर वानप्रस्थ संस्था ने गरीब परिवारों के टी . बी . ग्रस्त 50 बच्चों को गोद लिया हुआ है जिन्हें छ:महीने तक पौष्टिक खुराक हर महीने दी जा रही है। संस्था वानप्रस्थ के महासचिव प्रो. जे के डांग ने अपनी स्वर्गीय पत्नी संतोष डांग की याद में संस्था को 25000 /- रुपए दान स्वरूप दिए हैं। I इस राशि का उपयोग गरीब परिवारों के टी बी ग्रस्त बच्चों को हर महीने पौष्टिक खुराक देने के लिए किया जाएगा।

डा: डांग हर महीने वानप्रस्थ के कुछ अन्य सदस्यों के साथ जाकर यह खुराक प्रदान करते हैं । यह कार्यक्रम पिछले तीन साल से चला रहे हैं ।दान देने की घोषणा प्रो. जे . के . डांग ने आज वानप्रस्थ संस्था द्वारा श्रीमती डांग की याद में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में की। इस अवसर पर सदस्यों द्वारा भजनों और भाषणों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर संतोष डांग के जीवन मूल्यों को उल्लेखित किया गया। देश के विभाजन की मुसीबतों का सामना कर रहे परिवार का उन्होंने जिस तरह लालन पालन किया उसकी उनके विस्तृत परिवार के सदस्यों ने खूब प्रशंसा की। सदस्यों का कहना था कि संतोष डांग उस पीढ़ी की सदस्य थी जो केवल अपने कर्तव्यों की पूर्ति पर केंद्रित थी और अपने अधिकारों की कभी परवाह नहीं करती थी। यह पीढ़ी और इसके मूल्य अब विलुप्त से होते जा रहे हैं।
श्रद्धांजलि समारोह में डांग परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। इनमें उनके छोटे भाई डा. यशपाल डांग, पुत्र डॉ आशीष, पुत्रवधू डॉ नेहा, पुत्री सोनिया और पोती मायरा शामिल थे ।
श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व कमिश्नर डा: युद्धवीर ख्यालिया, डॉ सत्या सावंत, वानप्रस्थ के प्रधान प्रो : एस के अग्रवाल, वीना अग्रवाल, प्रो. पुष्पा खरब, सुनीता बहल, राजरानी मल्हान, प्रो. रामकुमार सैनी, श्री रामेश्वर गोदारा, डा. कमलेश कुकड़ेजा, प्रो. राज गर्ग, प्रो. अमृतलाल खुराना, व दूरदर्शन के पूर्व डायरेक्टर अजीत सिंह शामिल थे।
