राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने हरियाणा सरकार द्वारा अप्रैल में बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को लेकर कड़ा विरोध जताया है। बिजली दरों में की गई इस बढ़ौत्तरी को लेकर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग ने दावा किया कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में यह शुल्क काफी अधिक है, जिससे विनिर्माण इकाइयों को अंतत: पलायन करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य भर के उद्योग निकायों द्वारा बार-बार की गई मांगों और ज्ञापनों पर सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने कहा, पहले के विपरीत, सरकारी अधिकारी और यहां तक कि राजनीतिक नेता भी उद्योग की समस्याओं के प्रति उदासीन हो गए हैं। लंबे समय से उद्योगपति इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन इसका समाधान करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। निवेश आकर्षित करने के लिए राज्यों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ, यह बढ़ोतरी हरियाणा को नुकसान में डाल सकती है और औद्योगिक इकाइयों को धीरे-धीरे कहीं और स्थानांतरित होने के लिए मजबूर कर सकती है।
ज्ञात रहे कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने इस साल अप्रैल में औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 30 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की घोषणा की थी और प्रति केवीए निर्धारित शुल्क को 165 रूपएं से बढ़ाकर 290 रूपएं कर दिया था। गुलशन डंग ने कहा कि निर्धारित शुल्क में वृद्धि से छोटे और मध्यम उद्योगों पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है। उदाहरण के लिए, 100 केवीए लोड वाली एक इकाई अब प्रति माह 15,500 अधिक भुगतान कर रही है, जबकि मध्यम स्तर की इकाइयों पर इसका प्रभाव प्रति माह 40,000 से अधिक होने वाला है, व्यापारी नेता ने कहा कि राज्य में उद्योग पर इस वृद्धि के कारण सालाना 2,100 करोड़ का बोझ पड़ेगा। ऐसे में प्रदेश के व्यापारी पलायन की स्थिती में दिल्ली और राजस्थान का रूख कर सकते हैं जहां प्रति केवीए शुल्क क्रमश: 125 और 160 है, जोकि निवेश के लिए बेहतर विकल्प देखा जा सकता है।
गुलशन डंग ने बिजली की दरों में हुई चुपचाप बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग उठाते हुए कहा कि इसका असर सिर्फ उद्योगों पर नहीं बल्कि आम आदमी पर भी पड़ रहा है। आम परिवारों को जहां 900 से 1000 रुपए तक बिल देना पड़ता था, उन्हें अब 4000 से 5000 रुपये बिल थमाया जा रहा है। इतना ही नहीं उद्योगों की बिजली दर बढऩे से उत्पादन की लागत भी बढ़ेगी, जिस कारण महंगाई ओर आसमान छुएगी। गुलशन डंग ने राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन की ओर से प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा कि जल्द से जल्द बिजली दरों में की गई इस बढ़ौत्तरी को वापिस लिया जाएं और प्रदेश के उद्योग धंधों के साथ आम आदमी को भी राहत दी जाए।
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राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने बिजली दरों में बढ़ोत्तरी का जताया कड़ा विरोध
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